Sukanya Samriddhi Yojana 2020 क्या है जाने हिंदी में

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भारत में लडकियों की पढाई से लेकर शादी तक हर माँ-बाप परेशान रहते है लेकिन बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना Sukanya Samriddhi Yojana के तहत अपनी बच्ची के उज्जवल भविष्य के लिए पैसे

बचा सकते है |इस योजना के तहत आप सिर्फ ₹250 से अपनी बच्ची के लिए खाता खुलवा सकते है| ऐसी ही छोटी छोटी बचत के जरिये आप अपनी बच्ची की शिक्षा,उच्च शिक्षा और शादी के लिए अपनी बचत की एक रकम को जमा कर सकते है|

Sukanya Samriddhi Yojana

 

योजना की विशेषताए और नियम

Sukanya Samriddhi Yojana साल 2016 -17 में योजना के अंतर्गत 9.1 फीसदी की दर से ब्याज दिया जा रहा था जो इनकम टैक्स छूट के साथ है इससे पहले इसमें 9.2 फीसदी तक ब्याज भी मिला है |अभी वर्तमान समय की बात करे तो करीब 8.5% का ब्याज दिया जा रहा है|खाता खोलने की तिथि से लेकर खाता खुलने के 15  वर्ष पूरे होने के बाद खाता परिपक्व हो जाएगा या फिर 18 वर्ष पूरे होने के बाद उसकी शादी तक यह खाता मान्य होगा|

 

योजना की पात्रता

छोटी स्कीम के तहत सुकन्या योजना सबसे ज्यादा ब्याज दर वाली योजना है Sukanya Samriddhi Yojana के तहत किसी भी बच्ची के जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु से छोटी उम्र की किसी भी बच्ची का खाता इस योजना में खोला जा सकता है|

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कितनी राशी से खुलेगा खाता ?

Sukanya Samriddhi Yojana में बच्ची का खाता खोलने के लिए न्यूनतम ₹250 रूपए से अधिकतम ₹1.5 लाख रुपये बच्ची के खाते में जमा किये जा सकते है यदि खाताधारक बच्ची का विवाह 21 वर्ष पूर्व ही हो जाता है तो बच्ची के विवाह की तारीख के बाद खाता संचालन की अनुमति नहीं है और बच्ची का  केवल एक ही खाता खोला जा सकता है|

Sukanya Samriddhi Yojana

 

योजना के लिए जरूरी दस्तावेज़

खाता खुलवाने का फार्म,(फार्म के लिए नजदीकी बैंक या डाकघर में सम्पर्क करे) बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र अभिभावक के पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र और इन सभी दस्तावेज़ को आप नजदीकी बैंक अथवा डाकघर (पोस्ट ऑफिस) में जमा कर सकते है |

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किन कारणों से खाता बंद किया जा सकता है ?

Sukanya Samriddhi Yojana में खाताधारक बच्ची की मृत्यु के बाद उसके म्रत्यु प्रमाण पत्र को दिखाकर उसके अभिभावकों को जमा राशी और उस राशी का ब्याज सहित पूरी रकम लौटा दी जाती है इसके अलावा खाता खुलने के 5 वर्ष बाद खाते को बंद किया जा सकता है लेकिन वो भी खास स्थितियों में जब खाता बंद कराना अनिवार्य हो जाये तो उस राशी पर बैंक ब्याज दर के अनुसार(4%) का ब्याज मिलता है|

 

 

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